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शवासन (Corpse Pose)

शवासन की पूर्णावस्था में शरीर के तमाम अंग एवं मस्तिष्क पूर्णतया चेष्टा रहित किये जाते हैं। यह अवस्था शव (मुर्द) जैसी होने से इस आसन को ‘शवासन’ कहा जाता है। इसे अंग्रेजी में Corpse Pose कहते हैं।

जब भी आपका शरीर और मन किसी प्रकार की थकान अनुभव करे अथवा आपकी कुछ भी काम करने की इच्छा न रहे, आप निराश हों या किसी कारणवश परेशान हों, तो इस आसन को उचित ढंग से करें। आपकी हर प्रकार की परेशानी व मानसिक व्यथा, उत्तेजना अथवा थकान तुरन्त दूर हो जायेगी और आप नये सिरे से प्रत्येक कार्य करने के लिए तैयार हो जायेंगे। यह आसन स्त्री-पुरुष सभी के लिए विशेष उपयोगी है।

यह शरीर के सभी अंगों को पूर्ण आराम देने वाला आसन है। इस आसन के करने से व्यक्ति का शरीर और मन फूल के समान हल्का और तरोताज़ा हो जाता है। और पढ़ें: सिद्धासन (Adept Pose)

Savasana

शवासन करने की विधि (How To Do Savasana / Corpse Pose) 

Step 1: इस आसन को करने के लिए आप आसान या कम्बल पर बिल्कुल सीधे लेट जायें। दोनों पैरों को परस्पर से थोड़े अलग रखें। दोनों हाथ भी शरीर से थोड़े अलग और आकाश की तरफ खुली रखें। इसके बाद शरीर को एकदम ढीला छोड़ दें।

Step 2: शरीर में सम्पूर्ण विश्राम का अनुभव करें मन को भी बाह्या विषयों से हटाकर एकाग्र करें और बारी-बारी से हर एक अंग पर मानसिक दृष्टि एकाग्र करते हुए भावना करे कि वह अंग अब आराम पा रहा है। मेरी सब थकान उतर रही है।

Step 3: शिथिलीकरण की प्रक्रिया में पैर से प्रारम्भ करके धीरे-धीरे टांगें, पिंडलियां, जांघें, कमर, पेट, छाती, हाथ, गर्दन, चेहरा और सिर तक जाएं। प्रकार भावना करते-करते सब स्नायुओं को शिथिल होने दें।

Step 4: मन को केवल श्वास-क्रिया पर लगायें और लम्बे सांस लें। आपको शरीर के साथ कोई संघर्ष नहीं करना है। शरीर का कोई अंग इधर-उधर लुढ़क जाये, तो लुढ़कने दीजिये, पूर्ण विचारहीनता की स्थिति बन जायेगी। इस स्थिति में 15 मिनट से लेकर 30 मिनट तक रहे।

कुछ देर बाद आपको प्रतीत होगा कि आपका शरीर एकदम हलका हो गया है और आप न जाने कितना विश्राम कर चुके हैं। शवासन यदि ठीक ढंग से किया जाए तो नाड़ी तंत्र इतना शांत हो जाता है कि कई बार अभ्यासी को नींद आने लगती है। यदि नींद आ जाए तो उसमें व्यवधान ना डालें। क्योंकि शरीर अपनी आवश्यकतानुसार ऊर्जा का संचय कर रहा होता है। कुछ देर बाद साधक की स्वतः ही नींद खुल जाएगी एवं वह तरोताज़ा महसूस करेगा। और पढ़ें: पद्मासन Lotus Pose)

विशेष: अन्य योग आसन करने के बाद अंगों में जो तनाव (टेन्शन) पैदा होता उसको शिथिल करने के लिये अंत में 5-10 मिनट तक शवासन अवश्य करना करना चाहिए।

शवासन करने के लाभ (Benefits of Savasana in Hindi)

शवासन के द्वारा स्नायु एवं मांसपेशियों में शिथिलीकरण से शक्ति बढ़ती है। अधिक कार्य करने की योग्यता उसमें आती है। नाडीतंत्र को बल मिलता है तथा मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है।

रक्त का दबाव कम करने के लिए, नाडीतंत्र की दुर्बलता एवं उसके कारण होने वाले रोगों को दूर करने के लिये शवासन खूब उपयोगी है। और पढ़ें: ब्लड प्रेशर के लिए डाइट प्लान

  • चित्त शान्त रहता है।
  • थका हुआ शरीर पुनः काम करने के योग्य बन जाता है।
  • योगासन से होने वाले तनाव को सही करता है।
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